School-College Holiday Update: देशभर में जनवरी महीने की कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। खासकर सुबह और देर रात के समय ठंडी हवाएं, घना कोहरा और लगातार गिरता तापमान लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। इस ठंड का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर देखने को मिल रहा है। ऐसे हालात में बच्चों को रोज सुबह स्कूल भेजना अभिभावकों के लिए चिंता का विषय बन गया था।
इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने सर्दी की छुट्टियों को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। ताजा अपडेट के अनुसार कई राज्यों में स्कूल और कॉलेजों की छुट्टियां 25 जनवरी 2026 तक बढ़ा दी गई हैं। यह निर्णय छात्रों की सेहत और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है, ताकि ठंड की वजह से किसी भी तरह का जोखिम न उठाना पड़े। इस फैसले से लाखों छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है।
20 से 25 जनवरी तक स्कूल-कॉलेज रहेंगे बंद
मौजूदा मौसम को देखते हुए शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि फिलहाल स्कूल और कॉलेज खोलना बच्चों के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। सुबह के समय घना कोहरा और शीतलहर के कारण दृश्यता बेहद कम हो जाती है, जिससे सड़क पर चलना भी जोखिम भरा हो सकता है।
इसी वजह से सर्दी की छुट्टियों को 20 जनवरी से बढ़ाकर 25 जनवरी 2026 तक कर दिया गया है। इस फैसले से छात्रों को कुल मिलाकर 6 दिन की अतिरिक्त छुट्टी मिलेगी। खासतौर पर नर्सरी से लेकर आठवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए यह निर्णय ज्यादा जरूरी माना जा रहा है, क्योंकि ठंड का असर इन्हीं पर सबसे ज्यादा पड़ता है।
किन राज्यों में लागू हुआ छुट्टी बढ़ाने का फैसला
उत्तर भारत के कई राज्यों में ठंड का प्रकोप ज्यादा देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। कई जिलों में जिला प्रशासन ने आदेश जारी कर स्कूलों को 25 जनवरी तक बंद रखने का निर्देश दिया है।
हालांकि कुछ राज्यों में पूरे प्रदेश के लिए आदेश जारी किए गए हैं, जबकि कुछ जगहों पर जिला स्तर पर अलग-अलग फैसले लिए जा रहे हैं। इसलिए अभिभावकों को अपने जिले की आधिकारिक सूचना जरूर चेक करनी चाहिए।
शिक्षा विभाग ने क्यों लिया यह फैसला
शिक्षा विभाग के अनुसार अत्यधिक ठंड के कारण बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। सुबह के समय ठंडी हवा और कोहरे में स्कूल जाना बच्चों की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसी वजह से अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन की मांग पर छुट्टियों को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है। विभाग का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
मौसम विभाग का ताजा अलर्ट
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा रहा है। इसके साथ ही सुबह और रात के समय घना कोहरा छाया रहने की संभावना बनी हुई है। कुछ राज्यों में हल्की बारिश के भी आसार जताए गए हैं, जिससे ठंड और बढ़ सकती है। ऐसे हालात में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाना एक जरूरी कदम माना जा रहा है।
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सरकारी और प्राइवेट स्कूलों का क्या है हाल
सरकारी स्कूलों के साथ-साथ अधिकतर प्राइवेट स्कूलों में भी सर्दी की छुट्टियां लागू कर दी गई हैं। हालांकि कुछ निजी स्कूलों ने पढ़ाई को जारी रखने के लिए ऑनलाइन क्लास का विकल्प अपनाया है। कई स्कूल व्हाट्सएप ग्रुप, ऑनलाइन असाइनमेंट और वीडियो क्लास के जरिए छात्रों को पढ़ाई से जोड़े हुए हैं, ताकि छुट्टियों के बाद बच्चों को ज्यादा परेशानी न हो।
आगे भी बढ़ सकती हैं छुट्टियां?
अगर आने वाले दिनों में मौसम में सुधार नहीं होता है, तो शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन छुट्टियों को और आगे बढ़ाने पर भी विचार कर सकता है। कुछ जगहों पर स्कूलों का समय बदलने की योजना भी बनाई जा रही है, ताकि बच्चे ठंड के सबसे ज्यादा असर वाले समय में घर से बाहर न निकलें। फिलहाल अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक नोटिस पर ही भरोसा करें।
अभिभावकों और छात्रों के लिए जरूरी सलाह
छुट्टियों के दौरान बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं और ठंडी हवा से बचाकर रखें। ठंडा पानी और ठंडी चीजों से परहेज कराएं। हल्की पढ़ाई और दोहराव से बच्चों की पढ़ाई की निरंतरता बनी रह सकती है। जैसे ही स्कूलों की छुट्टियों को लेकर कोई नया आदेश जारी होगा, उसकी जानकारी समय पर साझा की जाएगी।
कुल मिलाकर 25 जनवरी तक सर्दी की छुट्टियां बढ़ाने का फैसला बच्चों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया एक सही कदम है। इससे न केवल छात्रों को ठंड से राहत मिलेगी, बल्कि अभिभावकों की चिंता भी कम होगी। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति के अनुसार आगे का फैसला लिया जाएगा।